गुज़रते एहसास

A father's bond with his son.

थामे हुए हाथथा चलना सिखाया,लम्बी रातों को सीने से लगाया। डग-मग से चलतेकदमों को सहलाया,कंधों पे जो अपनेथा अक्सर बिठाया। दूर कभी पासआँखों में बसाया,नन्ही सी इन उँगलियों सेहर साल केक भी कटवाया। जीवन के उतार-चढ़ावऔर बचकाने मेरे सवाल,कभी हँस कर तो कभीगीतों में समझाया। पत्थर दिल सा बनकरज़माने से लड़ना,अपनी बातों की गहराईऔर फिर […]

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ज़िन्दगी तेरी तलाश है

zindagi teri talash hai

सुकून ढूँढने चला जो तो रास्ते नें भी मुँह फेर लिया,रास्ता जो लगता था हमसफ़रथोड़ा और लम्बा हो चला। अंजाने थे हमबेखबर इस मातम से,जो बैठे दो पल कहींमिट्टी भी वहीं गीली थीं। बादलों के साये मेंसोया ज़रूर हूँ,पर प्यास तो मैंने आँसुओं से ही है बुझाई। खोया जो अकसरवह मेरा नहीं था,जिसको पाकर खोया […]

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अरसा

This poem emphasis the emotions of a person who hasn’t had the opportunity to halt and reflect back at his life for a very long time but feels everything slowing for a bit before he realizes the momentum of his quest again.

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