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गुज़रते एहसास

गुज़रते एहसास

थामे हुए हाथथा चलना सिखाया,लम्बी रातों को सीने से लगाया। डग-मग से चलतेकदमों को सहलाया,कंधों पे जो अपनेथा अक्सर बिठाया। दूर कभी पासआँखों में बसाया,नन्ही सी इन उँगलियों सेहर साल केक भी कटवाया। जीवन के उतार-चढ़ावऔर बचकाने मेरे सवाल,कभी हँस कर तो कभीगीतों में समझाया। पत्थर...
थोड़ी सी उम्मीद

थोड़ी सी उम्मीद

जीवन की कड़वाहटहर उस उम्मीद में है,जो जाने अनजाने यूँ ही कहीं तो साथ चल देती है। रोक पाओ इन आँसुओं कोतो बता देना हमको भी,कैसे लड़ा जाता हैबिखरी उम्मीदों से। कहना आसान और निभाना कठिनपल-पल इन्तज़ार फिर होता नहीं,जब भी सर उठा के देखा अकेले ही पाया है उम्मीद को। बार-बार...
ज़िन्दगी तेरी तलाश है

ज़िन्दगी तेरी तलाश है

सुकून ढूँढने चला जो तो रास्ते नें भी मुँह फेर लिया,रास्ता जो लगता था हमसफ़रथोड़ा और लम्बा हो चला। अंजाने थे हमबेखबर इस मातम से,जो बैठे दो पल कहींमिट्टी भी वहीं गीली थीं। बादलों के साये मेंसोया ज़रूर हूँ,पर प्यास तो मैंने आँसुओं से ही है बुझाई। खोया जो अकसरवह मेरा नहीं...
लम्हे

लम्हे

शब्दों का ताना बाना बुन ही लिया फिर एक कदम और चल के देखा तो तुम साथ ही खड़े थे। इन गहराइयों को नापना आता ना था हमको, अरसा जो बीता बिखरे कुछ टुकड़े पड़े थे। उन टुकड़ों के साये कुछ मन में बुदबुदाये, जो कहना था हमको और ना फिर कभी कह ही पाये। जाता रहा वक्त आँचल समेंटें वह...
अरसा

अरसा

थम गया समयकहानियों की छाँव में,ज़िन्दगी जो तेज़ थी चल रहीकुछ रुक सी गयी।अल्फ़ाज़ कुछ अलग से इन होंठों को छूकर, फिर याद बन गएमेरी किताब के।कहता रहा मैं कि और थोड़ा देख ले,ज़माने की फ़रमाइशों के इस उमड़ते सैलाब को।एक अरसा सा लगता है तेरे साथ ए ज़िन्दगी,बैठकर फिर एक बारवह...