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थोड़ी सी उम्मीद

थोड़ी सी उम्मीद

जीवन की कड़वाहटहर उस उम्मीद में है,जो जाने अनजाने यूँ ही कहीं तो साथ चल देती है। रोक पाओ इन आँसुओं कोतो बता देना हमको भी,कैसे लड़ा जाता हैबिखरी उम्मीदों से। कहना आसान और निभाना कठिनपल-पल इन्तज़ार फिर होता नहीं,जब भी सर उठा के देखा अकेले ही पाया है उम्मीद को। बार-बार...